मंगलवार, 24 मई 2011

झारखण्ड बिहार में गाइड प्रशिक्षण की लिजेंड बनी इभा घोष और परमिंदर कौर भाम्बरा

भारत स्‍काउट एण्‍ड गाइड में गाइड का अर्थ पथ प्रदर्शिका यानि सही
राह दिखाने वाली। सही राह दिखाने वाली ऐसे हीं दो नाम हैं परमिंदर कौर और
इभा घोष । बुढौती नसो में भी युवा उमंग प्रवाह रखने वाली इभा घोष और
परमिंदर कौर झारखंड बिहार में गाइड प्रशिक्षण की लिजेंण्‍ड बन चुकी हैं।
लोहरदगा उर्सुलाइन बीएड कालेज में भावी शिक्षिकाओं को गाइड का प्रशिक्षण
दे रही हैं । पांच सालो से 500 शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया है तो
झारखंड-बिहार में कितने हीं गाइड बहनो को दिक्षा दिलायी है।
झारखंड की प्रथम राज्‍य आयुक्‍त बनी परमिंदर कौर भाम्‍बरा आठ साल
की उम्र से हीं गाइड में है अपने परिवार को सुभांलते हुए परमिंदर कौर
अपने दोनों बच्‍चो समेत अपनी पोते पोतीयों को भी गाइड की प्रशिक्षण दे कर
रास्ट्रपति पुरुस्‍कार प्राप्‍त किया है। 1971 में गाइड की दिक्षा लीया और
1996 में संयुक्‍त बिहार की लीडर टेनर बनी ।
गाइड की वर्तमान राज्‍य प्रशिक्षण आयुक्‍त इभा घोष ने तो अपना जीवन
हीं समर्पित कर दिया है। इवा घोष अपनी तीसरी कक्षा में हीं गाइड के
बुलबुल ग्रुप से भाग लिया और गाइड में दिक्षा लेने के बाद विवाह नही करने
का निर्णय लिया । आज परिवार और सब कुछ त्‍याग कर इवा घोष गाइड को हीं
अपना सब कुछ बना बैठी है। संयुक्‍त बिहार में इवा सहायक राज्‍य संगठन
आयुक्‍त के पद पर कार्य किया और वर्तमान में झारखंड की राज्‍य प्रशिक्षण
आयुक्‍त के पद पर कार्यरत हैं ।
बहरहाल, झारखंड की दो बहन इभा घोष और प्रमिंदर कौर समाज गढने
में खुद को समर्पित कर दिया । वहीं पिछले 62 सालों से गाइड में
सेवा दे रही हैं।वहीं गाइड जीवन में रास्ट्रपति पुरुस्‍कार और दस जम्‍बुरी
कैम्‍प में भाग लिया है जो एक बडी उपलब्‍धी है। वहीं उम्र के इस पडाव में
स्‍काउट और गाइड के बच्‍चे बच्‍चीयों के बीच इभा दीदी, परमिदंर दीदी के
नाम से जानी जाती हैं।

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