ग्यारह जवान शहीद और पचास से अधिक घायल हुए जवान
लोहरदगा जिला के सेन्हा थाना अंतर्गत धरधरिया क्षेत्र मंगलवार को बम के धमाकों से गूंज उठा . एक किलोमीटर के रास्ते में नक्सलीयों ने हरेक पांच मीटर पर एक लैंड माइंस बिछा रखे थे . जवानो के लैंड माइंस के रेंज में आते हीं नक्सलियों ने सीरिज लैंड माइंस ब्लास्ट कर दिया २० मिनट तक पूरी वादी में सिर्फ धमाके हीं धमाके थे उसके बाद सी आर पी ऍफ़ और पुलिस जवानो की चीखों से क्षेत्र भयवाह बना हुआ था .नक्सलियों ने बड़े हीं सुन्योजित ढंग से घटना को अंजाम दिया . सीरिज लैंड माइंस की तैयारी के लिए विशेष रूप से आंध्रप्रदेश के नक्सली इस इलाके में आए थे . लगभग दो महीने से लैंड माइंस के काम पर नक्सली लगे थे जिला पुलिस को इसकी हलकी फुलकी सुचनाये मिल रही थी लेकिन पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लग रहा था .मार्च के अंतिम सप्ताह में पुलिस ने जरुर भारी मात्र में विस्फोटक और डेटोनेटर बरामद किए थे. लेकिन भी पुलिस को लैंड माइंस की भनक नहीं लगी . इधर शुक्रवार २९ अप्रैल से नक्सलियों ने किस्को और सेन्हा गस्ती बढा दी थी . वहीँ पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों में मध्यान भोजन के अनाज की लुट को अंजाम दिया था उस समय भी जिला पुलिस ने सर्च अभियान चलाया खुद डी आई जी सम्पत मीणा बीते सप्ताह अभियान को लेकर लोहरदगा आयी हुई थी . पूरी घटना क्रम में नक्सलियों ने बड़े हीं सुन्योजित तरीके से पुलिस को सेन्हा क्षेत्र में बुलाया और लैंड माइंस के ऊपर से गुजरने को मजबूर किया जिस जगह यह घटना हुई वहां एक और १५० फिट की खाई तो दूसरी और पहाड़ है. वहीँ सामने लैंड माइंस बिछा था . जवानो को पीछे लौटने तक का ना मौका मिला . नक्सलियों ने विस्फोट के बाद लगातार गोली बारी करती रही एस बीच जवानो को सँभालने का मौका नहीं दिया . पूरी ब्लास्ट में घटना स्थल में चार जवान हीं शहीद हुए थे . लेकिन चिकित्साह के लिए जल्दी नहीं ले जाने के करण और सपोर्ट नहीं मिलने के करण शहीद जवानो की संख्या में लगातार वृद्धि होती गई .साढ़े दस बजे की घटना में घायल जवान के लिए तीन बजे तक नहीं मिल पाया बचाव दल .
पानी के लिए तरस गए जवान बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल जवानो के साथ बचाव अभियान में लगे जवान भी प्यास से तड़प रहे थे वहीँ जिले के कप्तान असीम विक्रांत मिंज धर धरिया झरना के निचे नदी के किनारे जवानो को रोके हुए थे .ऊपर घायल जवान पानी पानी कर मर रहे थे और निचे जवान नदी के किनारे ठंढी छाव में घंटो बैढे इंतजार कर रहे .सी आर पी ऍफ़ के जवान रणजीत ने आँखों देखा हाल बतया की नक्सली ने पुलिस को अपने जाल में फ़साने के बाद विस्फोट से पहले आत्म सम्पर्पण करने के लिए लौड़ स्पीकर से बोल रहे थे की हथियार डाल दो नहीं तो मारे जाओगे . और यही हुआ नक्सलियों ने एक साथ लगभग १५० लैंड माइंस को एक सीरिज में उड़ा दिया मुठभेड़ के बाद एसपी के माना करने के बावजुद चार पांच की संख्या में जवान मिडिया कर्मियों के साथ धरधरिया झरना के ऊपर साके के रास्ते पहुंचे और घायल जवान को निचे मोटरसाइकल से उतारने लगे जिसमे दो जवान निचे आने के कर्म में हीं दम तोर दिए .वहीँ स्थानीय गाँव के लोगों ने भी खटिया में घायलों के निचे उतारने का काम किया . वहीँ बचाव दल जल्दी पहुँचता और हलिकप्तर की जल्दी व्यवस्था हो जाती तो शयद ये जवान की जान बच जाता .घटना के बाद पहुंचे आलोक राज आई जी आप्रेशन सी आर पी ऍफ़ के आई जी आप्रेशन आलोक राज ने चल रहे आप्रेशन पर सवाल उठाया है और कहा की चलाये जा रहे आप्रेशन के नेत्रित्व में गलती हुई है जिसके कारण जावन शहीद हो गए. ये आप्रेशन में हुई चुक का नतीजा है . आर के मालिक आई जी आप्रेशन झारखण्ड
घटना का जायजा लेने पहुंचे आई जी आर के मालिक ने कहा की घटना किसके द्वारा की गई है इसकी जानकारी है हम लोग इस पर गहन अध्यन कर रहे है ताकि इस तरह की घटना की पुन्राविरती ना हो और नक्सलियों के विरुद्ध चल रहे अभियान में कहा की यह आगे भी जारी रहेगा .
पुलिस मेंस के मंत्री ने झारखण्ड सरकार से इस अभियान के लिए काम से काम पांच हेलीकाप्टर की मांग किया है . और कहा की घटना स्थल में जल्दी हेलीकाप्टर पहुँचता तो जवान नहीं मारे जाते.
बहरहाल , जिले के एसपी को तीन दिन पूर्व हीं ख़ुफ़िया विभाग के हवाले से जानकारी दी गई थी की किस्को और सेन्हा के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के बारूदी सुरंग बिछा रखा है बावजुद इसके पुलिस एलआरपी में बिना माइंस डीडेकटर लिए हीं निकल गए .अभियान में हुई बड़ी चुक का नतीजा निकला की ग्यारह जवान शहीद हो गए ...
गुरुवार, 5 मई 2011
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