बुधवार, 6 जुलाई 2011

खखपरता शिव मंदिर


लोहरदगा के खखपरता शिव मंदिर के परिसर में मिले सातवीं शताब्दी की दो मुर्ति । पचास सेंटी मीटर उंची मइसाशुर मर्दनी माँ दुर्गा की मुर्ती और तीस सेंटी मीटर की भगवान विष्णु की एक मुर्ति । मुर्तियों की बनावट स्थानिए बालूआही मिटटी से बनी है । और यह मुर्ति भी सातवीं शताब्दी का हीं है । पहले हीं श्रृखंला मंदिर के मिलने से खखपरता शिव मंदिर के गौरवमयी दास्तांन को एक नइ उंचाई में लाकर रख दिया है जहाँ पुर्व की भाती मंदिर का निमार्ण हो रहा है। वहीं एक बार फिर खखपरता के मंदिर निमार्ण परिसर में दो मुर्ती के मिलने से खखपरता गांव के गर्भ में छुपे एक के बाद एक इतिहास निकल कर सामने आ रही है । मुर्ति के निकलने के साथ हीं पुरातत्व विभाग झारखंड सरकार ने इसे यहाँ से उठा ले गई ।ताकि इस मंदिर परिसर में चल रहे शोध कार्य में किसी प्रकार की बाधा न हो ।पुरातत्व विभाग के निदेशक एन जी निकासे इस क्षेत्र को शिव भक्तो के रूप् में देख रहें है और इस क्षेत्र में वृहत रूप से खुदायी करवाने की बात कर रहें हैं ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें