रविवार, 24 नवंबर 2013

मारडोना

बाक्साईट की नगरी लोहरदगा के आराहासा गांव में हुआ माराडोना फिल्म का टाईटल लांचिंग। फिल्म के निर्देषक दिलीप देव फिल्म एडिटर से फिल्म निर्देषन कि ओर रूख कर रहें है और अपनी निर्देषन में बालिका फुटबाल को लेकर मारडोना नाम से फिल्म बनाने के लिए पहल किया है। झारखंड के छोटे जिला लोहरदगा के आराहसा गांव से निकलकर मुंबई पहुंचे दिलीप देव ने कई फिल्मो में एडिटिंग का काम किया है। इस फिल्म के जरिए बालिका फुटबाल को परदे पर लाने का बीड़ा उठाया है। दिलीप देव अपने बचपन के यादो कि गाव में धान कि खेती के बाद खाली पड़े खेत को फुटबाल का मैदान बनाकर कैसे फुटबाल खेलते हैं और तमाम विपरीत परिस्तिथि में खेल के प्रति जुनुन को दिखाएगें। यह फिल्म झारखंड और छतीसगढ राज्य में फिल्माएगें। फिल्म की लाचिंग से गांव के लोगों में अभी से फिल्म को लेकर उत्साह है। चक दे इण्डिया में हाकी खेल और लगान में क्रिकेट को दिखया गया अब दिलीप देव फुटबाल के खेल को ले मारडोना बना रहें है।